9 अप्रैल 2028 (रविवार)
को उज्जैन सिंहस्थ कुंभ मेले का
'प्रथम शाही स्नान' (पहला अमृत स्नान)
आयोजित होगा।
चैत्र मास की पूर्णिमा का यह पावन दिन न केवल कुंभ की दिव्य शुरुआत करेगा, बल्कि इस दिन हनुमान जयंती का महापर्व होने से इसका धार्मिक महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
यदि आप 2028 में उज्जैन सिंहस्थ कुंभ की यात्रा या वहां स्नान की योजना बना रहे हैं, तो नीचे दी गई मुख्य जानकारियों पर एक नज़र डाल सकते हैं:
प्रमुख शाही स्नान की तिथियाँ (Ujjain Simhastha 2028 Shahi Snan Dates)
सिंहस्थ कुंभ के दौरान शिप्रा नदी के पवित्र घाटों पर मुख्य रूप से तीन शाही स्नान होते हैं:
- प्रथम शाही स्नान: 9 अप्रैल 2028 (रविवार) — चैत्र पूर्णिमा (हनुमान जयंती)
- द्वितीय शाही स्नान: 8 मई 2028 (सोमवार) — वैशाख शुक्ल एकादशी (मोहिनी एकादशी)
- तृतीय (प्रमुख) शाही स्नान: 22 मई 2028 (सोमवार) — वैशाख पूर्णिमा
प्रथम शाही स्नान की मुख्य विशेषताएं
- अत्यंत शुभ ज्योतिषीय योग: सिंहस्थ कुंभ के पूरे 62 दिनों के आयोजन में ज्योतिषीय दृष्टि से यह सबसे महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन जब सूर्य मेष राशि में और बृहस्पति (गुरु) सिंह राशि में प्रवेश करते हैं, तो ग्रहों का सबसे सटीक और शक्तिशाली संयोग बनता है।
- अखाड़ों की भव्य पेशवाई: इस दिन सनातन धर्म के सभी 13 मुख्य अखाड़े शिप्रा नदी के तट पर शाही स्नान करेंगे। स्नान से पहले निकलने वाली संतों की 'पेशवाई' (पारंपरिक जुलूस) इस पूरे मेले का सबसे भव्य आकर्षण होगी, जिसमें नागा साधु और महामंडलेश्वर शामिल होते हैं।
- मुख्य स्नान समय (Timings): अखाड़ों के साधु-संतों का पवित्र नदी में प्रवेश सुबह लगभग 4:00 बजे शुरू हो जाएगा। सुबह 4:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक का समय अखाड़ों और मुख्य संतों के स्नान के लिए आरक्षित रहेगा, जिसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए बड़े पैमाने पर स्नान की व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहेगी।