सिंघा पे होके सवार हो , मैया मोरे अंगना पधारो ।
सिंघा पे होके सवार हो , मैया मोरे अंगना पधारो ॥
गैया के गोबर से अंगना लिपाई, एक धर चंदन चौक पुराए ।
द्वारे बंधाए बंधनवार हो, मैया मोरे अंगना पधारो ॥
नौ दिन मा नौ रूप बतावे, दिन में तीन कला दिखलावे ।
करे भगत जय जयकार हो, मैया मोरे अंगना पधारो ॥
64 जोगन नाचे गावे, छप्पन भोग माई संग पावे ।
अंगना में छाई बहार हो, मैया मोरे अंगना पधारो ॥
हम बालक माई तेरी सेवा ना जानें, भेंट में वीरा पतासा ले आए ।
चुनरी करो मां स्वीकार हो, मैया मोरे अंगना पधारो ॥